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शुक्रवार, 7 जनवरी 2011

और बच्चा गलत हाथो में जाने से बच गया .............................

                  आज जहाँ पुरी दुनिया विकसित होने  के रास्ते पे अग्रसर है तथा भारत इस दौड़ में सबसे तेज़ गति से दौड़ रहा है , किसी भी देश के विकास में  रीड की हड्डी बच्चे  ही होते है परन्तु भारत में अब भी कुछ बच्चे ऐसे है जो आज भी घरेलू उत्पीडन के डर से घर छोड़ के चले जा रहे  है. शायद उनको ये मालूम नहीं है कि जिस उत्पीडन के डर से वो घर छोड़ के जा रहे है वो ही उनका नसीब बन जाएगी और जिंदगी भर वो एक मात्र बधुआ मजदूर बनकर रह जायेंगे परन्तु यदि उनको इतना ज्ञान होता तो शायद वो ऐसा नहीं करते और अपने घर  पर ही रहते,  ऐसे ही घर की उत्पीडन से डर कर एक लड़के ने बड़ा कदम उठा लिया बिना सोचे  वह घर छोड़ कर चल दिया घटना महाराजगंज जनपद कि है .......
                    २ जनवरी  २०११  की रात ७.०० बजे होंगे कपकपाती ठंड रात बिना किसी बिशेष  काम के कोई बहार निकलना भी न चाहे ऐसे ठंडी रात में  एक १० बर्ष  का लड़का गोरखपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर ठंड से  ठिठुर रहा था. वह लाचार की तरह  इधुर - उधर घूम  रहा था उसको देख कर ऐसा लग रहा था जैसे की वह बहुत परेशान  हो  . उसको देख के लग रहा था की वह कही जाना चाह रहा हो लेकिन उसके साथ उसका  परिवार या कोई बैग नहीं था . ऐसी हालत में उस बच्चे पे एकाएक नजर सेफ सोसाइटी के निदेशक विश्व वैभव जी की पड़ी उसे देखते ही उनको कुछ अजीब लगा और कुछ देर के बाद वो उस बच्चे  के पास गये और उसका नाम पूछे इस पर वह घबडा गया ठंड से उसके पाव कापने लगे उसकी जबान काम नहीं कर रही थी डरते - डरते उसने कहा की उसका नाम गोविन्द कुशवाहा है .वह कक्षा ४ में पढता है . इतना कह कर वह रोने लगा उन्होंन उसे सहलाकर पूछा तो उसने बताया की वह आपनी माँ से नाराज है उसने उसको मारा है उसके दिल में माँ - पिता के लिए बहुत कस्ट थे दूसरी तरफ घबराहट भी थी . उसने बताया की उसकी माँ उसको बहुत मारती है तथा  घर के भी सभी काम करवाती है,  आज बिना किसी गलती के उसने मुघे मारा है. मै खेलना चाहता हू तो खेलने नहीं देती मेरी कोई बात नहीं मानी जाती है . इस प्रकार से बच्चे ने अपने पुरानी आपबीती सुनाई . उसने बताया  की उसके पिता राकेश माता चन्द्रावती देवी  है जो की महाराजगंज में रहते है .उसके परिवार में उसका एक बड़ा भाई एवं एक छोटा भाई तथा  एक छोटी बहन भी  है . उसके पिता एवं माता चूड़ी बेचकर किसी तरह से पूरे परिवार का भरण पोषण करते है . बच्चे के बारे में सारी जानकारी जुटाने के बाद सेफ सोसाइटी के विश्व वैभव जी ने बच्चो के सहयोग के लिए महाराजगंज जनपद  में काम करने वाली एक अग्रणी संस्थान नेहरु युवा ग्राम विकास युवा कल्याण सेवा संस्थान, महाराजगंज के लोगो से संपर्क किया संस्थान ने तुरंत इस बिंदु को गंभीरता से लिया तथा बताया कि आप बच्चे को तुरंत जी आर पी को सौप दे एवं बच्चे को भोजन कराकर सुला दे हम सुभाः तक इसके परिवार को खोज के गोरखपुर पंहुचा देंगे .इसके बाद बच्चे को जी  आर पी को सौप दिया गया . सुभाः के ९.०० बजे होंगे कि नेहरु संस्थान के लोगो ने उस परिवार को खोज निकाला बच्चे कि माँ का  रो रो के बुरा हाल हो गया था  उसके पिता हर जगह उसको खोज चुके थे पर अब  निराश  हो चुके  थे उसके भाई एवं बहन भी अपने प्यारे भाई के लिए मानों पागल सी हो गयी थी . लेकिन जब उन्हें यह जानकारी मिली तो वो खुसी से झूम उठे तथा नेहरु संस्थान के लोगो को इश्वर कि उपाधि देने लगे कहा कि आप मरे लिए साक्षात्  प्रभु बनकर आये है नहीं तो हम सब का क्या हाल होता हम अपने बच्चे के बिना मर जाते . 
                          इसके बाद बच्चे के पिता ने बयाया कि वो लोग मूलतः  ग्राम- गुन्पाई पोस्ट- बेल्तिकड़ थाना मख्ख्नपुर जनपद- फ्हिरोजाबाद उत्तर प्रदेश के रहने वाले है यहाँ चूड़ी बेचकर किसी तरह से परिवार का पालन पोषण करते है कल दिन में गोविन्द कि माँ ने उसको किसी बात पे डाट दिया जिससे नाराज होकर वह बिना कुछ बताये कही चला गया यह घटना दिन के १२.०० बजे कि है . इसके बाद संस्थान के लोगो ने बताया कि आप आपना प्रूफ ले जाकर बच्चे को वापस ले आये तथा बच्चो कि भावनाओ को समझे  तथा उसको प्यार व् दुलार से रखे उसकी माँ को भी हिदायत दी गयी शाम  तक उसके पिता बच्चे को लेकर वापस आ चुके थे उसका पूरा परिवार आपने भाई एवं बेटे को पाकर बहुत प्रस्सन था . आगले दिन संस्थान के निदेशक  साधू शरण  जी जाकर बच्चे का हाल चाल लिए तथा उसके परिवार को बच्चो को प्य्रेम से रखने कि कला बताए.एवं यह बचन भी लिए कि अब आगे से इस तरह कि घटना नहीं घेटेगी इसके लिए सभी प्रेम एवं सद्भाव से रहेंगे .
                         इस तरह से आज सेफ सोसाइटी एवं नेहरु संस्थान  के प्रयास से एक बच्चा गलत हाथो में जाने से बच गया नहीं तो यह संभव था कि यदि कुछ देर और बच्चे पर नजर नहीं पड़ी होती तो शायद  क्या होता ? 
                      संस्थान इस तरह के बच्चो के मदद के लिए एवं उनको उनके  परिवार में मिलाने के लिए कतिबाथ  है संस्थान  बच्चो को उनके परिवार में समुचित प्यार मिले एवं बच्चे खुश  रहे इसके लिए कार्य कर रही है . 


                                                                        प्रस्तुति- कु. हीना , गाजियाबाद


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