अमेरिका की नामी बाइक
अब भारत में
अमेरिका की प्रसिद्ध मोटरसाइकिल की खास
गड़गड़ाहट अब जल्द ही भारतीय सड़कों पर भी सुनाई देगी।
फोटो: भारत भिरंगी
इस खास मशीन का दाम कम नहीं होगा। हार्ली भारतीय बाज़ार में 12 मॉडल उतार रही है। इनकी कीमत 6.95 लाख से शुरू होकर 34.95 लाख रुपयों के बीच होगी। इसकी महीने की किस्त लगभग 12,850 रुपए से शुरू होगी। भारत में हार्ली-डेविडसन के प्रबंध निदेशक अनूप प्रकाश कहते हैं कि भारतीय बाज़ार में तमाम सस्ती मोटरसाइकिलें उपलब्ध हैं पर यह नहीं भूलना चाहिए कि यह हार्ली डेविडसन है।
वर्ष 1976 में जीन और डेबी मैक्लेंडन गोल्ड्सबॉरॉ, नॉर्थ कैरोलाइना में अपनी हार्ली-डेविडसन इलेक्ट्रा ग्लाइड पर सवार।
ब्रेंट हुड उए.पी.-डब्ल्यू.डब्ल्यू.पी./गोल्डसबोरो न्यूज़-अर्गस
बिल्कुल बाएं: वर्ष 1969 की फिल्म ईजी राइडर में कैप्टिन अमेरिका की भूमिका अदा करने वाले पीटर फोंडा उसी तरह की हार्ली-डेविडसन मोटरसाइकिल पर बैठे हुए जैसी कि उन्होंने फ़िल्म में चलाई थी। फोंडा वर्ष 2009 में फिल्म की 40वीं वर्षगांठ पर एक कार्यक्रम का प्रमोशन कर रहे थे।
क्रिस पिज़ेलो उए.पी.-डब्ल्यू.डब्ल्यू.पी.
बाएं: डिग्टन, मैसाच्यूसेट्स के रै बूले और उनका अंग्रेजी बुलडॉग हार्ली न्यूपोर्ट, रोड आइलैंड में।
जेक्लीन मार्क उए.पी.-डब्ल्यू.डब्ल्यू.पी./न्यूपोर्ट डेली न्यूज़
बिल्कुल बाएं: वियतनाम युद्ध में भाग लेने वाला एक सैन्यकर्मी कार्ल शेपली कैलिफ़ोर्निया में फ्रेस्नो वेटर्न्स डे परेड के मौके पर अपनी हार्ली मोटरसाइकिल की सवारी करते हुए।
जॉन वॉकर उए.पी.-डब्ल्यू.डब्ल्यू.पी./फ्रेस्नो बी
बाएं: मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी एसोसिएशन के ग्रीष्मकालीन कार्यक्रम के लिए धन जुटाने के लिए फ़्लोरिडा में 2008 हार्ली-डेविडसन डेटोना वीमेन्स डे राइड के दौरान इंटरनेशनल स्पीडवे बुल्वर्ड ब्रिज से जाती हुईं पांच सौ महिला मोटरसाइकिल सवार।
जि-एन ली उए.पी.-डब्ल्यू.डब्ल्यू.पी./द डेटोना बीच न्यूज़ जरनल
जि-एन ली उए.पी.-डब्ल्यू.डब्ल्यू.पी./द डेटोना बीच न्यूज़ जरनल
प्रकाश कहते हैंकि भारत में मोटरसाइकिल चलाने वाले ज्यादातर लोग आने-जाने के लिए इसे साधन के रूप में प्रयोग करते हैं, पर हार्ली-डेविडसन इस बारे में कुछ अलग सोच रखती है।
हार्ली से जुड़ी खास बातें
हार्ली-डेविडसन का इतिहास अमेरिका के औद्योगिकीकरण और शहरीकरण के साथ जुड़ा रहा है। कुछ विशेषताएं और संदर्भ इस प्रकार हैं:1903: पहली हार्ली का उत्पादन हुआ। यह मोटरसाइकिल का आधुनिक रूप था। राइट बंधुओं के फ्लायर 1 ने पहली बार जमीन छोड़ी और हेनरी फोर्ड ने मॉडल ए का उत्पादन किया।
1910 का दशकः हार्ली अब 90 मील प्रति घंटेकी रफ्तार से फर्राटा भरने लगी है और देश भर में तमाम रेस प्रतियोगिताएं जीत रही है। कंपनी अब यूरोप के बाजार में भी पहुंच चुकी है जबकि घरेलू बाजार में उसकी एकमात्र प्रतिद्वंद्वी इंडियन पहले विश्व युद्ध की जरू रतों को ध्यान में रख कर उत्पादन कर रही थी। इससे गैर सैनिक बाजार में हार्ली का एकछत्र राज कायम हो गया। सैन्य दिवस पर एक अमेरिकी सैनिक ने जर्मनी में हार्ली साइड कार में अपनी तस्वीर खिंचाई और हार्ली को विश्व युद्ध में सहायता के लिए तारीफ मिली।
1920 का दशकः हार्ली ने अपनी मशीनों और डीलर नेटवर्क में सुधार कर जापानी बाजारों में अपनी पैठ बनाई। उसने स्थानीय स्तर पर इसके उत्पादन के लिए लाइसेंस दिए। इसके चलते उसने अनजाने में भविष्य के अपने प्रतिद्वंद्वियों को गुर सिखा दिए जिनके सस्ते और बेहतर वाहनों ने 1970 के दशक में हार्ली को अपना बोरिया बिस्तर बांधने के करीब पहुंचा दिया।
1930 का दशकः हार्ली ने मंदी के असर को कम किया। बॉलीवुड स्टारों ने हॉग के साथ फोटो खिंचवाए। स्थानीय स्तर पर एचओजी काफी फले-फूले, पर इसी दौरान हार्ली बाइक सवारों का एक बागी गुट भी वजूद में आया।
1940 का दशकः दूसरे विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्रों की सेना के लिए हजारों की तादाद में हार्ली की बिक्री हुई और तेजी से इसकी मांग बढ़ी। 1947 में कैलिफोर्निया के हॉलिस्टर में हुई एक घटना ने उद्दंड किस्म के बाइकर्स को चर्चा में ला दिया।
1950 का दशकः घरेलू बाजार में हार्ली की एकमात्र प्रतिद्वंद्वी कंपनी इंडियन दिवालिया घोषित। दक्षिणी कैलिफोर्निया में हार्ली की शक्लोसूरत में नई तरह के बदलाव किए गए जिसे हार्ली चॉपर की पहचान मिली। हेल एंजिल्स एक क्लब में तब्दील हो गया और उसने अपनी पसंदीदा बाइक हार्ली को घोषित किया।
1960 का दशकः जापानी मोटर साइकिलों ने अमेरिकी बाजार में प्रवेश किया। हार्ली को जबरदस्त नुकसान हुआ और अखिरकार एएमएफ ने उसका अधिग्रहण कर लिया। हेल्स एंजिल्स को सामूहिक बलात्कार जैसी घटनाओं और वाइल्ड एंजिल्स जैसी फ़िल्म को जघन्यता को बढ़ावा देने वाली बताया गया। दशक खत्म होते-होते अमेरिका में सामाजिक विद्रोह के हालात बन गए। आजादी पसंद हिप्पियों पर बनी क्लासिक फिल्म ईजी राइडर में हिप्पियों को हार्ली पर सवार क्या दिखाया गया, वहां तो बवाल ही मच गया। सदर्न रेडनेक्स के लोगों ने ऐसे हिप्पियों की हत्या करना शुरू कर दिया।
1970 का दशकः मंदी, पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी और जापानी मोटरसाइकिलों से कड़ी प्रतिस्पर्धा। हार्ली को नुकसान झेलना पड़ा फिर भी वी 2 इवोल्यूशन नाम का एक नया और बेहतर इंजन तैयार किया।
1980 का दशकः जोरदार वापसी। हार्ली-डेविडसन के अधिकारियों ने एएमएफ से अपनी कंपनी वापस खरीदी और उसे पुनर्जर्ीवित करने की एक रणनीति तैयार की। कंपनी का नारा ‘‘ईगल फ्लाइज एलोन’’ ही उसकी रणनीति का बखान करता था। हार्ली ओनर्स ग्रुप एचओजी को देश भर में संगठित किया गया। इस दौरान कंपनी शेयर बाजार में उतरी और उसने यहां अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई। राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन ने पेन्सिलवेनिया के यॉर्कटाउन का दौरा कर वहां के हार्ली असेंबली प्लांट में फोटो खिंचाई।
1990 का दशकः अमेरिकी अर्थव्यवस्था मे सुधार आया और इसी तरह हार्ली की माली हालत भी बेहतर होती गई। अब वह मुख्य धारा में शामिल हो चुकी थी। एकाउंटेंट, वकील, कंपनियों के बड़े अधिकारी और दूसरे वे लोग जो सप्ताहांत में मौज-मस्ती के मूड में होते हैं, अब नए तरह के ठाठ में नज़र आने लगे। लेदर सूट और शेड्स वाले कपड़ों में उन्हें अब कोई झिझक नहीं थी। हार्ली सवारों की औसत आमदनी के साथ उनका शैक्षिक स्तर भी बढ़ रहा था।
2000 का दशकः कठिन दशक के दौरान हार्ली मजबूत और दृढ़ बनी रही। अमेरिका में उसका उत्पादन जारी रहा जबकि उसने विदेशों में बिक्री और प्रॉडक्ट लाइन पर ध्यान दिया। दशक के अंत में बिक्री घटी क्योंकि देश मंदी का बुरा दौर झेल रहा था फिर भी कंपनी ने अपनी 105 वीं जयंती जोरदार ढंग से मनाई। आखिर उसे शानदार पहचान और ग्राहकों के भरोसे का यकीन जो था। —एस.एफ़.
भारत में मोटरसाइकिल बाजार के संपन्न विशिष्ट वर्ग को ध्यान में रखते हुए हार्ली डेविडसन ने अपनी उसी खास रणतीति को अपनाया हैजिस पर उसने अमेरिकी बाजार में अमल किया था और खासी सफलता हासिल की थी। कैलिफ़ोर्निया स्थित मोटर साइकिल इंडस्ट्री काउंसिल के आंकड़ों पर अगर गौर किया जाए तो ये चौंकाने वाले हैं यानी 2008 में विशिष्ट श्रेणी की जिन 479,800 मोटर साइकिलों का पंजीकरण हुआ उसमें से 45.5 प्रतिशत अकेले हार्ली थीं। उसकी निकटतम प्रतिस्पर्धी होंडा के खाते में 14 प्रतिशत से कुछ ज्यादा पंजीकरण था यानी हार्ली का एक तिहाई।
हार्ली डेविडसन की शुरुआत 1903 में विलियम एस हार्ली और ऑर्थर डेविडसन ने की थी। इस कंपनी ने तीन बाई साढ़े चार मीटर के एक लकड़ी के शेड में अपनी पहली मोटरसाइकिल तैयार की और समय के साथ विस्कॉन्सिन की यह कंपनी एक ग्लोबल ब्रांड में तब्दील हो गई। ईजी राइडर और वाइल्ड वन जैसी फिल्मों ने इस ब्रांड को लोगों के दिमाग में परवान चढ़ा दिया। शुरुआती दौर से अलग हार्ली ने अपनी छवि बदली, अब वो बैड ब्वॉय वाली अपनी पारंपरिक छवि से अलग धनी शहरी बाइकर्स के लिए उत्पाद बेचने का दावा कर रही है जिन्हें रब्स यानी रिच अरबन बाइकर्स का नाम दिया गया है। हालांकि कंपनी की सांस्कृतिक पहचान अब भी इस वाहन के भारीभरकम डीलडौल पर साफ झलकती है। आज कुछ भी बेचने के लिए हार्ली-डेविडसन के लोगो का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें मोटरसाइकिल की एसेसरीज से लेकर चश्मे, टीशर्ट और बच्चों के कपड़ेतक शामिल हैं। कहा जा सकता है कि अब हार्ली-डेविडसन का आधार एक ऐसी पहचान है जो कभी न खत्म होने वाले राजमार्गों पर सरपट भागती जिंदगी, बेलगाम निजी आजादी और उम्र से इतर सेक्स अपील के साथ जुड़ गई है।
फ्लोरिडा के मायामी में 400 लोगों वाले हार्ली ओनर्सग्रुप (एचओजी) के निदेशक जॉन कोलिंस साफ करते हैं,‘‘जब आप हार्ली पर सवार होकर सड़क पर निकलते हैं तो आपके दिमाग में सब कुछ साफ होता है, जो कुछ भी समस्याएं होतीं है वे धीरे-धीरे खत्म होने लगती हैं। आप मोटरसाइकिल पर ध्यान केंद्रित करते हैं और सारेतनाव खत्म। यह जीवन शैली में तब्दील हो जाता है। मैंने अभी एक नई नौकरी शुरू की और मुझे यह महसूस हुआ कि मेरेपास हार्ली के अलावा और शर्ट नहीं है, इसलिए मुझे कुछ दूसरी शर्टें खरीदनी पड़ी ताकि में थोड़ा कं जरवेटिव लुक रख सकूं।’’
कॉलिंस की पत्नी सैन्डी भी हार्ली चलाती हैं। हार्ली की बिक्री का तकरीबन 12 फीसदी हिस्सा महिलाएं खरीदती हैं। हार्ली चलाने वालों पर बदनामी के आरोपों को सैंडी खारिज करती हैं।
कॉलिंस कहते हैं, ‘‘कई बार हार्ली की बाइक चलाने वालों पर आरोप लगते हैं कि वे आवारा और बेकार किस्म के लोग होते हैं। ऐसा है नहीं, हमारी जानकारी में ऐसे तमाम लोग हैंजो हार्ली चलाते हैं लेकिन वे कारोबार और उच्च प्रबंधन से जुड़े लोग हैं। हमारे साथ मस्ती करने वालों में एक बोट कंपनी का मालिक है जबकि दूसरा दो-तीन ट्रांसमिशन शॉप्स का मालिक। ये बेकार लोग नहीं हैं। फिर आपको यह भी बता दें कि हार्ली की स्क्रीमिंग ईगल जैसी बाइक की कीमत तकरीबन 40,000 डॉलर होती है और इसे खरीदने वाला कोई औकात वाला ही हो सकता है।’’
हार्ली-डेविडसन एक ऐसी कंपनी हैजिसने अपनी साख को बनाए रखा है। इसे इस बात का एहसास है कि इसके साथ अमेरिका का नाम जुड़ा है। एक और यह एक सदी से भी ज्यादा पुरानी कंपनी हैं। इसने राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर हार्ली ओनर ग्रुप चलाने वालों की मदद से कभी भी मुंह नहीं मोड़ा।
विद्रोही छवि
वर्ष 1947 में दूसरेविश्व युद्ध के बाद शांत हुए अमेरिका में सब कुछ व्यवस्थित होने का दौर था। तभी सैन फ्रांसिस्को से दक्षिण-पूर्व 145 किलोमीटर दूर कैलिफोर्निया के छोटे से कस्बे में हुई घटना ने हार्ली-डेविडसन की छवि को हमेशा के लिए बदल दिया। हालांकि इतिहासकारों का एक बड़ा तबका इस बात में यकीन रखता है कि जो कुछ भी हुआ वह मीडिया की देन था। मीडिया ने मामले को बढ़ाचढ़ा कर पेश किया और रही सही बात तब और खराब हो गई जब हार्ली डेविडसन के साथ उस वाकये की तस्वीरें अखबारों में छप गई।दरअसल हुआ यूं था कि हॉलिस्टर नाम के लहसुन उत्पादक फार्म हाउसों के इलाके में एक स्थानीय मोटर साइकिल क्लब ने चार जुलाई के समारोहों के तहत यहां कैंपिंग, पिकनिक और रेस का आयोजन तय किया। रेस के लिए यहां के आधे किलोमीटर के ऊबड़ खाबड़ ट्रैक का चुनाव किया गया। यह एक आम बात थी और अब भी है। ऐसे आयोजनों को रैली का नाम दिया जाता है। इस रैली में शामिल होने के लिए अलग-अलग जगहों से करीब 4,000 बाइकर्स आए। रैली के समापन पर लगभग सभी बाइकर्स शांतिपूर्ण तरीके से वापस भी लौट गए सिर्फ पांच सौ को छोड़ कर।
वह शुक्रवार की रात थी जब इन बाइकर्स में से कुछ ने शहर की मुख्य सड़क पर जमकर शराब पी और फिर एक बार चढ़ गई तो सड़क की पटरियों पर रेस और स्टंट शुरू कर दिया। इस दौरान वे एक-दूसरेपर घूंसे चलाते रहेऔर दुर्व्यवहार करते रहे। हॉलिस्टर के पांच पुलिस अधिकारियों ने उत्पात मचाने वाले कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
यह घटना गुमनामी में दफन हो जाती अगर सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल के फोटोग्राफर की खींची एक तस्वीर एसोसिएटेड प्रेस देश भर के सारे मीडिया जगत को न उपलब्ध करा देता। इसके बाद लाइफ पत्रिका में इससे संबंधित लेख भी प्रकाशित किया गया। इस लेख के साथ छपी फोटो में शराब से धुत एक युवक को दिखाया गया था जिसके दोनों हाथों में शराब की बोतलें थीं और उसने एक मोटर साइकिल की टेक ले रखी थी। उसके पीछे दर्जनों शराब की बोतलों के साथ कांच के टुकड़ेबिखरेपड़े थे। इस मोटर साइकिल को हर कोई पहचानता था- यह हार्ली की चॉपर थी।
हालांकि निर्णायक तौर पर यह कभी साबित नहीं हो पाया कि इसी फोटोग्राफर ने इस घटना की जो और फोटो लीं, उनमें बाइक की पोजीशन क्यों और कैसे बदली हुई थी। इससे यह शक जरूर पैदा हुआ कि कहीं ये तस्वीरें जानबूझकर पॉज करने का नतीजा तो नहीं। उस फोटो के साथ ही 1953 में एक बेहद लोकप्रिय फिल्म आई द वाइल्ड वन जिसने हार्ली की छवि को खराब करने में कोई कोर कसर बाकी नहीं छोड़ी। इस फिल्म में मार्लन ब्रांडो और ली मारविन ने ऐसे बाइकर्स की भूमिका निभाई थी जो एक छोटेसे शहर को अपनी हरकतों से भयाक्रांत रखते हैं। हार्ली की यही छवि आज भी उसके साथ चिपकी हुई है। —एस.एफ़.
हार्ली ओनर ग्रुप सदस्यों के लिए कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन करता है। वह अपनी राइड्स के जरिए तमाम तरह की चैरिटी गतिविधियां करता है और जरूरतमंदों को सुरक्षा संबंधी नियमों की जानकारी देता है। ऐसा करके वह लोगों को एक साथ मस्ती करने का मौका भी देता है।
नॉर्थ कैरोलाइना के जैक्सनविल में न्यू रीवर हार्ली डिवीजन में सेल्स एसोशिएट का काम करने वाले जेफ मायर का मानना हैकि ‘‘यह एक परिवार जैसा है।’’ वह बताते हैंकि वह एक रिटयर्ड मैरीन कर्मचारी हैं और उन्होंने पूरी दुनिया घूमी है लेकिन जहां कहीं भी हार्ली की मौजूदगी थी, वहां उन्हें परिवार जैसा व्यवहार मिला। उनका आपके साथ बर्ताव खास तरह का होता है।
हार्ली डेविडसन कंपनी के गृह नगर के निवासी शाज़ हेस्टिंग्स मिलवॉकी बाइक रखते हैं। वह कहते हैं,‘‘आप खरीदें न खरीदें लेकिन बहुतेरेलोग हार्ली खरीदते हैं।’’ करीब 3,300 वर्गमीटर में फैली उनकी डीलरशिप फर्म से साल भर में 35,000 डॉलर की रेंज तक की 500 से ज्यादा हार्ली बाइक बिक जाती हैं।
हेस्टिंग्स बताते है, ‘‘हार्ली टी शर्ट भी बिकती हैंपर इसके बारे में अगर मुझे आपको बताना हो तो आपको मैं समझा नहीं सकता। इसमें ऐसा कुछ खास नहीं है सिवाय करीबीपन का एहसास कराने के। लाखों लोग हार्ली का टैटू शरीर पर गुदवाते है- दुनिया में आखिर दूसरा कौनसा ब्रांड इसके जैसा है। हार्ली के स्वभाव में गंभीरता है। यहां एचओजी किसी भी मीटिंग में कंपनियों के अध्यक्ष से लेकर मैकेनिक तक का काम करने वाले लोग एक साथ शरीक होते हैं। इनमें आपस में एक ही समानता है, वह है उनकी बाइक और उनकी जीवनशैली। हार्ली आजादी और निजता का प्रतीक है।
अनूप प्रकाश भी नौसेना में रह चुके हैं और हार्ली और उससे जुड़ी जीवनशैली के पुराने कद्रदानों में से एक हैं। भारत में हार्ली ने नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलूर, हैदराबाद और चंडीगढ़ में अपनी डीलरशिप दी है। प्रकाश स्पष्ट करते हैं कि हार्ली भारत में शुरुआत के साथ ही तेजी से बिक्री की उम्मीद कर रही है लेकिन साथ ही वह इस देश में अपनी बुनियाद को मजबूत बनाना भी चाहती है। अभी तक करीब 30 फीसदी हार्ली-डेविडसन बाइकों की खपत दुनिया के दूसरेदेशों में होती है पर अब कंपनी इस आंकड़े को बढ़ा कर 40 फीसदी करना चाहती है।
अनूप प्रकाश मानते हैं कि ‘‘हार्ली की एक यूनीवर्सल अपील है और यह जोखिम उठाने के शौकीन, धुन के पक्के और बेलौस अंदाज़ वाले लोगों की पहली पसंद है। वह कहते हैं यकीनन हम भारत मे ऐसे लोगों को भाएंगे जो इस अंदाज़ को पसंद करते हैं।’’
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